औरंगाबाद Ajanta Ellora

 औरंगाबाद Ajanta Ellora 



          तो दोस्तो आज हम एक ऐसे विषय पर देखेंगे जहां पर बौद्ध धर्म के ऐतिहासिक तस्वीरें और शिल्पकारी है। स्थल का नाम है अजंता एलोरा। 


          अजंता एलोरा यह स्थल भारत देश के महाराष्ट्र राज्य में औरंगाबाद जिले में अजंता एलोरा के नाम से प्रसिद्ध है। यहां पर इस पूर्व दूसरी शताब्दी से लेकर चौथी शताब्दी तक इतनी लंबी अवधि के दौरान अजंता एलोरा में 29 गुफाएं बनाया गया। और ए गुफाएं औरंगाबाद शहर से लगभग 100 किलोमीटर से 110 किलोमीटर की दूरी पर वाघुर नदी है। इस वाघुर नदी के पास यह गुफाएं है। 


  1. इतिहास

 १. अजंता एलोरा Ajanta Ellora Caves का इतिहास

 २. अजंता एलोरा की खासियत 

  1. अजंता एलोरा की आकर्षक ठिकाण

  2. अजंता एलोरा को कैसे जाये?


इतिहास


•  अजंता एलोरा Ajanta Ellora Caves का इतिहास 


         अजंता एलोरा में Total 29 गुफाएं है। इन गुफाओं का खोज भारत देश के मद्रास जिले के ब्रिटिश अधिकारी जॉन स्मिथ द्वारा इस गुफाएं का खोज इसवी सन 28 अप्रैल 1819 में इन गुफाओं की खोज हुई। जॉन स्मिथ ने उस समय 10 नंबर की गुफा गुफा की एक स्तंभ पर अपना नाम और उस दिन का तारीख लिखा था, अभी भी वह नाम और तारीख अस्पष्ट रूप से दिखाई देता है। 


पुरातन साक्ष्यों के अनुसार यहां पर दो अलग-अलग कालखंडों में गुफाओं का निर्माण हुआ था। गुफाएं नंबर 6,10,12,13 और 15 - अ यह गुफाएं हीनयान के कालखंड में खुदी हुई होगी। आमतौर पर इसकी अवधि इ.स पूर्व दूसरी शताब्दी के आसपास हुआ था। इन सभी गुफाओं में से बुद्ध को एक स्तूप के रूप में देखा गया था। उसके अलावा 1 से 29 नंबर के गुफाओं का निर्माण लगभग 800 - 900 साल बाद अर्थात इसवी सन पूर्व छट्टी और सातवीं शताब्दी के आसपास महायान काल में हुआ होगा। 


यह गुफाएं आम लोगों को बुद्ध के परिचित रूप से दिखती है, और दर्शाती है। और जो महायान काल में जो गुफाएं की खोज हुई थी, उस गुफाओं का निर्माण वाकाटक राजा के शासनकाल के दौरान किया गया था। इसलिए उन्हें अक्सर उन गुफाएं को वाकाटक गुफाओं के नाम से और रूप से जाना गया है। जब वाकाटक साम्राज्य का पतन हुआ उसके बाद, वहां की गुफाओं का निर्माण होना अचानक से रुक गया, और इसलिए वह गुफाएं नियोजित भव्यता से वंचित रह गए। 


इन गुफाओं का उल्लेख लगभग मध्य युग में कई चीनी बुद्ध यात्रियों ने अकबर के काल तक अपने यात्रा वृतांत में उपलब्ध किया गया। 



• अजंता एलोरा की खासियत :- 


अजंता एलोरा की खासियत यह है कि, अजंता एलोरा की गुफाएं अंतर्राष्ट्रीय पर्यटन के लिए भारत देश में से सबसे महत्वपूर्ण और खूबसूरत गुफाओं में से एक है। यहां पर इसका बौद्ध धर्म विरासत को संरक्षित करने का एक इतिहास है। और इन गुफाओं को घने जंगलों ने घेर लिया है। 


अजंता एलोरा को भारत के पर्यटन केंद्रीय मंत्रालय में एक प्रतिष्ठित पर्यटन स्थल परियोजना में 12 पर्यटन स्थलों का चयन किया गया था। और उस सूची में, महाराष्ट्र के अजंता एलोरा की गुफाएं शामिल है। अजंता एलोरा को पूरे विश्व में धरोहर स्थल मनोज यूनेस्को ने इ.स 1983 में घोषित किया गया। इसलिए इन गुफाओं को भारत देश का पहला धरोहर स्थल माना गया है। 


जब महाराष्ट्र में जून 2013 को महाराष्ट्र की सात अजूबों की घोषणा की गई, उसमे अजंता एलोरा के गुफाएं मुख्य आश्चर्य थी। और इन गुफाओं में से एक को भारतीय मुद्रा के 20 की नोट पर चित्रित किया गया है। 


अजंता एलोरा की गुफाओं में, भगवान गौतम बुद्ध के विभिन्न भाव के साथ चित्रकला और शिल्पकला के रूप में बौद्ध दर्शन को व्यक्त करने वाले मूर्तिकला का एक अद्वितीय अविष्कार पाया गया है। ऐसी ही अजंता के अनेक देशी पर्यटकों के साथ-साथ विदेशी पर्यटकों के लिए सबसे लोकप्रिय पर्यटन स्थल बना है। यहां पर विदेशी पर्यटक भी बड़ी संख्या में यहां पर Caves देखने के लिए आते हैं। औरतो और यह गुफाओं के पेंटिंग और मूर्तिकलाओं का एक अद्भुत अनुभव प्रदान करती है। 



अजंता एलोरा की आकर्षक ठिकान :


तो दोस्तो अजंता एलोरा में ऐसे और भी ऐसी जगह है जो कि पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करता है। 


  1. अजंता Caves (यह जगह औरंगाबाद शहर से लगभग 99 की मि दूरी पर यह स्थल स्थित है। इस जगह को 1819 में ब्रिटिश अधिकारी ने शिकार करते वक्त खोज लिया था।)


  1. बौद्ध गुफाएं, एलोरा 


  1. घृष्णेश्वर मंदिर, Ellora (यह मंदिर एलोरा में स्थित है, इस मंदिर का नाम घृष्णेश्वर मंदिर है। यह मंदिर 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है।)

 

  1. जैन गुफाएं, एलोरा (यहां पर 12 गुफाएं है, ज्यादातर इन गुफाओं में विहार और मठ शामिल है।) 


  1. औरंगाबाद के गुफाएं (यहां पर 12 बुद्ध मंदिर है, जो कि औरंगाबाद से लगभग 20 किमी की दूरी पर उत्तर पश्चिम में स्थित है।)


  1. बीबी का मकबरा औरंगाबाद (बीबी का मकबरा यह औरंगजेब ने 1661 मे अपनी पत्नी की याद में बनवाया गया था। यह जगह एक ताजमहल के समान है, औरंगजेब की पत्नी राबिया- उल - दौरानी उर्फ दिलरस बानो बेगम का एक सुंदर मकबरा है।)


  1. दौलताबाद किला, दौलताबाद (यह स्थल औरंगाबाद शहर से लगभग 15 किमी की दूरी पर यह स्थल स्थित है। यह किला एक प्राचीन है। इस किले को महाराष्ट्र के सात अजूबों में से एक के रूप में जाना जाता है। इस वस्तु को 12वीं शताब्दी में बनाया गया है।) 


  1. पनचक्की औरंगाबाद (यहां पर पनचक्की से लगभग 6 किमी दूरी पर यह भूमिका जलधारा है, जो कि यह नदी हरसुल नदी की एक सहायक नदी है। इसे मिट्टी के पाइप के माध्यम से ले जाया जाता है।)



अजंता एलोरा को कैसे जाए? 


तो दोस्तों आप जानना चाहते हो कि औरंगाबाद अजंता एलोरा को कैसे जाए? तो औरंगाबाद अजंता एलोरा को जाने के लिए बहुत ही सुविधाएं उपलब्ध है। जैसे कि आप आप ट्रेन से यात्रा कर सकते हो, हवाई जहाज से भी कर सकते हो, और अगर आपको अनेक शहरों को भेंट देना हो तो आप रोडवेज से अपने गाड़ी और सरकारी और प्राइवेट बस से भी जा सकते हो, और तो और आप घूमने के लिए टैक्सी भी बुकिंग कर सकते हो। इत्यादि ऐसे बहुत सारी सुविधाएं उपलब्ध है जो कि आप जा सकोगे। 


तो दोस्तों आज हमने Aurangabad Ajanta Ellora के बारे में देखने का प्रयास किया। तो अगर आपको और किसी जगह का जानकारी चाहिए वह तो आप हमें कमेंट बॉक्स में बता सकते हैं उसके बारे में भी हम अधिक जानकारी आप तक पहुंचाने का प्रयास करेंगे। अगर आपको यह जगह अच्छी लगी तो आप अवश्य यहां पर एक बार Visit दीजिए यह जगह बहुत ही खूबसूरत है। 

धन्यवाद...। 

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